1.
कीर्ति वीरोचित कार्यो की सुगन्ध है।
2.
वही सबसे तेज चलता है, जो अकेला चलता है।
3.
प्रत्येक अच्छा कार्य पहले असम्भव नजर आता है।
4.
एकाग्रता से ही विजय मिलती है।
5.
भाग्य साहसी का साथ देता है।
6.
सफलता अत्यधिक परिश्रम चाहती है
7.
विवेक बहादुरी का उत्तम अंश है।
8.
कार्य उद्यम से सिद्ध होते है, मनोरथो से नही।
9.
संकल्प ही मनुष्य का बल है।
10.
प्रचंड वायु मे भी पहाड विचलित नही होते।
11
कर्म करने मे ही अधिकार है, फल मे नही।
12.
मेहनत, हिम्मत और लगन से कल्पना साकार होती है।
13.
अपने शक्तियो पर भरोसा करने वाला कभी असफल नही होता।
14.
मुस्कान प्रेम की भाषा है।
सच्चा प्रेम दुर्लभ है, सच्ची मित्रता और भी दुर्लभ है।
अहंकार छोडे बिना सच्चा प्रेम नही किया जा सकता।
प्रसन्नता स्वास्थ्य देती है, विषाद रोग देते है।
प्रसन्न करने का उपाय है, स्वयं प्रसन्न रहना।
अधिकार जताने से अधिकार सिद्ध नही होता।
एक गुण समस्त दोषो को ढक लेता है।
दूसरो से प्रेम करना अपने आप से प्रेम करना है।
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